Ticker

6/recent/ticker-posts

Contact Us

If you have any doubts queries, Please feel free to contact us.

We will try our best to reply to you as soon as possible. We would love to hear from you. Connect with us via mail or via social media platforms.

Email Id- myindiancultures@gmail.com
Instagram- myindiancultures
Facebook- myindiancultures


Post a Comment

1 Comments

  1. Please make a blog on ishwar Gita (Shiva Gita)

    *देवों के देव- महादेव, काल के काल- महाकाल, ईश्वर के ईश्वर- महेश्वर*


    *शिव ही परम सत्य हैं, सत्य ही सुन्दर, सुन्दर ही शिव हैं (सत्यम् शिवम् सुंदरम्)*


    जीवन की वास्तविकता, जीवन का उद्देश्य, पूर्ण पुरुषार्थ (धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष) को प्राप्त करने, जीवन को सार्थक बनाने एवं परम सत्य को जानने के लिए *ईश्वर गीता (शिव उपदेश)* का अध्ययन अनिवार्य रूप से करें

    *सनातन धर्म के 108 गीता उपदेशों में ईश्वर गीता (शिव उपदेश) प्रमुख गीता उपदेश हैं*
    त्रेतायुग में सीता-हरण के बाद जब प्रभु श्री राम विचलित हो गए थे तब स्वयं अद्भुतेश्वर सदाशिव रामगिरि पर्वत के तंडकरण्यन वन में गोदावरी नदी के किनारे प्रभु श्री राम को परम-सत्य से अवगत कराते हुए अपने *साकार विश्वरूप* का दर्शन कराए थे सच्चिदानंद सदाशिव जो उपदेश प्रभु श्री राम को अपने मुख दिए थे उसे *ईश्वर गीता (शिव उपदेश)* जिसे *शिव गीता* भी कहा जाता है शिव जी के मुख से परम सत्य को जानने एवं अपने नेत्रों से परम-तत्व सदाशिव के वास्तविक विराट विश्वरूप को देखने के बाद भगवान श्री राम को *दिव्य परम-तत्व ज्ञान* की प्राप्ति हुई थी *दिव्य परम-तत्व ज्ञान* ब्रह्म ज्ञान से भी श्रेष्ठ *सर्वोपरि* हैं
    पद्म पुराण के उत्तरा खंड में संपूर्ण ईश्वर गीता (शिव गीता) का विस्तारपूर्वक वर्णन मिलता है इसके अतिरिक्त भगवान शिव के विराट विश्वरूप का वर्णन कूर्म पुराण में भी मिलता हैं
    ईश्वर गीता में कुल 16 अध्याय है ईश्वर गीता के सातवें अध्याय में सर्वेश्वर सदाशिव अपने विराट रूप (विश्वरूप) का दर्शन भगवान श्री राम को कराते हैं जिसके बाद प्रभु श्री राम को दिव्य परमतत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई थी


    *ईश्वर गीता (शिव उपदेश)*


    *ईश्वर गीता (Shiva Gita hindi audiobook) available in Play store and App store*

    ReplyDelete